Ziyarat E Nahiya In Hindi Access

इमाम महदी (अ.स.) इसमें अपने दादा के जिस्म पर लगे तीरों और तलवारों के घावों का ज़िक्र करते हैं।

यदि आप चाहें तो मैं ज़ियारत ए नहिया का हिन्दी अनुवाद/व्याख्या का एक उद्धरण या संक्षिप्त अनुवाद भी दे सकता/सकती हूँ।

ज़ियारत में उस दर्दनाक वक़्त का ज़िक्र है जब ख़ैमे (टेंट) जला दिए गए और अहल-ए-बेत (इमाम के परिवार) की ख़वातीन (महिलाएं) नंगे सर मक़्तल की तरफ दौड़ीं। ziyarat e nahiya in hindi

क्या आपको ज़ियारत-ए-नाहिया का चाहिए?

इस ज़ियारत को पढ़ने के रूहानी फ़ायदे इमाम महदी (अ

(नोट: यह ज़ियारत का सार और कुछ प्रमुख शुरुआती पंक्तियाँ हिंदी में हैं)

(सलाम हो उन पर्दानशीं बीबियों पर जो बेपर्दा की गईं...) ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत-ए-नाहिया की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: सलाम और सम्मान:

यह ज़ियारत कर्बला की महिलाओं और बच्चों पर हुए जुल्मों का भी ज़िक्र करती है। खै़मों (तंबुओं) का जलना और बीबियों की बेबसी का वर्णन दिल को झकझोर देने वाला है। शत्रुओं पर लानत:

अल्लाह के नाम से जो दयावान और कृपालु है।

यह ज़ीयारत अन्य सामान्य ज़ीयारतों से काफी अलग है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं: